” वो ” मज़बूत है
ये इतना ही झूठ है जितना ये कि वो निडर और निर्भीक है
ये झूठ है कि वो मज़बूत है !!
यूँ तो समानता का अधिकार संविधान से मंज़ूर है
दरअसल इंसाफ़ से वो अभी भी कोसों दूर है
ये झूठ है कि वो मज़बूत है !!
घर में तुमसे वो कितना भी लड़ें ,झगड़े पर इस समाज के लिए वो अभी भी गूँग और मूक है
ये झूठ है कि वो मज़बूत है !!
कभी एसिड अटैक तो कभी गैंग रेप
कभी निर्भया तो कभी रेहाना
ये उसके ऊपर हो रहे अत्त्याचारों के ही तो सबूत हैं
ये झूठ है कि वो मज़बूत है !!
कैंडल मार्च निकालकर या यूँ एक FB पे पोस्ट करने से कुछ नहीं होगा
उसके लिए जो सब कुछ बदल देगा वो सिर्फ़ तुम्हारी सोच है
ये झूठ है कि वो मज़बूत है !!
कुछ निडर वो बने तो कुछ संवेदनशील तुम बनो
नहीं तो फिर किसी प्रियंका के लिए कैंडल तैयार रखो
क्यूँकि ये झूठ है कि वो मज़बूत है !!